मुझे नहीं पता प्यार क्या है

मुझे नहीं पता प्यार क्या है पर कभी-कभी कहीं-कहीं उस प्यार की झलक ज़रूर देखी है, वो दादी की कहानियों में, वो नानी के हाथ के बनाये आटे के लड्डुओं में, वो नाना की रोज़ दिलाई हुई टॉफ़ियों में, वो पापा के सर पर फिराए हाथ में, वो मम्मी की रोटियों में, वो मौसी की …

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ज़िंदगी – मिलने बिछड़ने का सफ़र

ज़िंदगी के इस हसीन सफ़र में मिलना और बिछड़ना तो लगा ही रहेगा । बस इतना इत्मिनान रहे कि मिले तो ख़ुशी से और बिछड़े तो फिर मिलने की उम्मीद से। हर रिश्ता  उम्र भर का होगा तो नहीं, पर इतना तो गुमान रहे कि कोशिश पूरी थी।