ज़िंदगी – मिलने बिछड़ने का सफ़र

ज़िंदगी के इस हसीन सफ़र में मिलना और बिछड़ना तो लगा ही रहेगा । बस इतना इत्मिनान रहे कि मिले तो ख़ुशी से और बिछड़े तो फिर मिलने की उम्मीद से। हर रिश्ता  उम्र भर का होगा तो नहीं, पर इतना तो गुमान रहे कि कोशिश पूरी थी।