मुझे नहीं पता प्यार क्या है

मुझे नहीं पता प्यार क्या है पर कभी-कभी कहीं-कहीं उस प्यार की झलक ज़रूर देखी है, वो दादी की कहानियों में, वो नानी के हाथ के बनाये आटे के लड्डुओं में, वो नाना की रोज़ दिलाई हुई टॉफ़ियों में, वो पापा के सर पर फिराए हाथ में, वो मम्मी की रोटियों में, वो मौसी की... Continue Reading →

पहली बारिश

Photo by brazil topno from Pexels बहुत गरमी पड़ रही थी उस साल , जून का महीना था और मानसून के आने का सब को बेसब्री से इंतेज़ार था। दिल्ली जैसे शहर में किसी का काम रुकता नहीं है पर ये गरमी सबको बदहाल ज़रूर कर देती है। ज़रूरत थी तो एक अच्छी बौछार की... Continue Reading →

ज़िंदगी – मिलने बिछड़ने का सफ़र

ज़िंदगी के इस हसीन सफ़र में मिलना और बिछड़ना तो लगा ही रहेगा । बस इतना इत्मिनान रहे कि मिले तो ख़ुशी से और बिछड़े तो फिर मिलने की उम्मीद से। हर रिश्ता  उम्र भर का होगा तो नहीं, पर इतना तो गुमान रहे कि कोशिश पूरी थी।

धुँधली यादें

unsplash-logoDenny Müller समय की परतों में छुपी हुई धूल खा रही वो यादें कभी कभी यूँ ही सामने आ जाती हैं और ले आती हैं उन यादगार लम्हों का वो तूफान जो कभी हँसा जाता है तो कभी रुला जाता है ।

कुछ बदनसीब यादें

बहुत सहेज कर रखे थे वो पल , सोचा था याद बन कर सामने आएँगे तो दिल को फिर गुदगुदाएँगे। पर कुछ बदनसीब यादें ऐसी भी थी जो सुकून का वादा कर, अपने साथ वो बवंडर ले आयी थी जो सब कुछ तहस-नहस करने पर आमादा था।  

Blog at WordPress.com.

Up ↑