धुँधली यादें

unsplash-logoDenny Müller समय की परतों में छुपी हुई धूल खा रही वो यादें कभी कभी यूँ ही सामने आ जाती हैं और ले आती हैं उन यादगार लम्हों का वो तूफान जो कभी हँसा जाता है तो कभी रुला जाता है ।

कुछ बदनसीब यादें

बहुत सहेज कर रखे थे वो पल , सोचा था याद बन कर सामने आएँगे तो दिल को फिर गुदगुदाएँगे। पर कुछ बदनसीब यादें ऐसी भी थी जो सुकून का वादा कर, अपने साथ वो बवंडर ले आयी थी जो सब कुछ तहस-नहस करने पर आमादा था।